नक्सलवाद की चुनौतियों से विकास की नई पहचान की ओर अग्रसर बस्तर – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर वीर जवानों के साहस को मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया नमन, कहा – शांति और सुरक्षा से खुल रहे विकास के नए द्वार
नक्सलवाद की चुनौतियों से विकास की नई पहचान की ओर अग्रसर बस्तर – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
कर्रेगुट्टा स्थित एफओबी ताड़पाला पहुंचकर सुरक्षा बलों के जवानों से की आत्मीय मुलाकात, बढ़ाया उत्साह
विकास कार्यों में योगदान देने वाले श्रमिकों का किया सम्मान, ‘श्रमेव जयते’ के संदेश के साथ सराहा उनका परिश्रम
एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
धमाका छत्तीसी बीजापुर/छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) ताड़पाला पहुंचकर सुरक्षा बलों के वीर जवानों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए तैनात जवानों के अदम्य साहस, शौर्य, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान मंत्री श्री साहेब ने कर्रेगुट्टा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों में योगदान दे रहे श्रमिकों का सम्मान किया तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगे की शान, वीर जवानों के शौर्य को किया नमन
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियां लंबे समय तक नक्सलवाद और हिंसा की चुनौतियों का सामना करती रही हैं। आज इन पहाड़ियों पर तिरंगे का गौरवपूर्ण लहराना सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम जंगलों और अनेक चुनौतियों के बीच अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे रहते हैं। उनके त्याग, परिश्रम और बलिदान के कारण ही आज इन क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण निर्मित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थापित शांति और सुरक्षा का वातावरण केवल सुरक्षा बलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।
*प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलता*
मंत्री श्री साहेब ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक दिशा मिली है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने दशकों तक बस्तर के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को प्रभावित किया। नक्सल हिंसा के कारण अनेक परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा तथा दूरस्थ गांव विकास की मुख्यधारा से वंचित रहे। आज सुरक्षा बलों के साहस, शासन की प्रतिबद्धता और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि शांति और सुरक्षा के साथ प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचें। बस्तर की पहचान अब भय और हिंसा के बजाय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता, शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और विकास के नए अवसरों से स्थापित हो।
‘श्रमेव जयते’ – विकसित बस्तर के निर्माण में श्रमिकों का योगदान अमूल्य
कर्रेगुट्टा प्रवास के दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने क्षेत्र में संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों में योगदान दे रहे श्रमिकों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने ‘श्रमेव जयते’ का संदेश देते हुए कहा कि राष्ट्र और प्रदेश के निर्माण में श्रमिकों का परिश्रम विकास की वास्तविक नींव है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को साकार करने में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने वाले श्रमिकों की मेहनत से बस्तर में अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है।
मंत्री श्री साहेब ने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर के गांव विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। इस परिवर्तन में श्रमिक भाई-बहनों का योगदान सराहनीय है। श्रम, सहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही विकसित बस्तर एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ का संकल्प साकार होगा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कर्रेगुट्टा स्थित सुरक्षा बलों के कैंप परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक संपदा, हरियाली और जैव विविधता इसकी अमूल्य धरोहर है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण उपलब्ध कराने के लिए पौधरोपण और वृक्षों का संरक्षण आवश्यक है।
शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा बस्तर
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि कर्रेगुट्टा सहित बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा की स्थापना से विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद की चुनौती से मुक्ति दिलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आजीविका और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान से स्थापित शांति को विकास, विश्वास और जनभागीदारी के माध्यम से स्थायी मजबूती देना हम सभी की जिम्मेदारी है। बस्तर का प्रत्येक गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़े, प्रत्येक युवा को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलें और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली आए, यही सरकार का संकल्प है।
मंत्री साहेब ने सुरक्षा बलों के जवानों एवं विकास कार्यों में जुटे श्रमिकों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर लहराता तिरंगा आज साहस, शांति, विश्वास और विकसित बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन रहा है।



